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सऊदी अरब की हुकूमत ने वीजा शुल्क में बढोतरी का फैसला लेते हुए सात गुना तक की बढ़ोतरी कर दी है. जिससे सऊदी अर्थव्यवस्था सहित दुनिया की दूसरी अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होने वाली हैं. सऊदी अरब के इस फैसले से भारत को भी ख़ासा नुक्सान उठाना होगा.

सऊदी अरबी सरकार ने 6 महीने की बिजनेस वर्क विजिट (मल्टीपल एंट्री) के लिए 400 रियाल की जगह तीन हजार रियालकर दिए हैं. वहीँ सिंगल एंट्री वीजा के लिए अदा करने होंगे दो हजार रियाल. हालांकि यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के लिए वीजा शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की गई.

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इसके अलावा ब्रिटिश लोगों के लिए वीजा शुल्क में मामूली बढ़ोतरी की गई हैं. उन्हें एक साल के लिए पांच हजार रियाल अदा करने होंगे. वहीँ दो साल के लिए आठ हजार रियाल. जानकारों का मानना है कि सऊदी सरकार ने ये फैसला गिरती अर्थव्यवस्था के चलते सरकारी खजाना भरने के लिए उठाया हैं.

हाल ही में तेल की कीमतों में कमी की वजह से सऊदी सरकार की कमाई में 68 फीसद की कमी आई हैं. 2014 से ऑयल की कीमतों में कमी की वजह से सऊदी खजाने पर बुरा असर पड़ रहा है.

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