काहिरा: सऊदी अरब सहित मिस्र, अमीरात और बहरीन द्वारा सौंपी गई मांगों की सुची पर क़तर की और से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद चारों देशों ने आगे भी क़तर के बहिष्कार की घोषणा की है.

उन्होंने कहा कि दोहा की और से जो जवाब मिला है, उससे प्रतीत होता है कि वह स्थिति की गंभीरता को महसूस नहीं कर रहा है. सऊदी विदेश मंत्री अदेल अल-जुबेर ने कहा, “जब तक कतर अपनी नीतियों को बेहतर नहीं करता, तब तक राजनीतिक और आर्थिक बहिष्कार रहेंगे.”

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ये बयान सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के विदेश मंत्रियों की काहिरा में हुए बैठक के बाद आया है.

मिस्र के विदेश मंत्री समेह शोक्री ने  कहा कि अरब राज्यों की मांगों की 13 सूत्री सूची को लेकर कतर की प्रतिक्रिया पूरी तरह से नकारात्मक है. यह ऐसी स्थिति है जो बताती है कि क़तर गंभीर नहीं है.”

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संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल-नाहयन ने कहा कि कतर केवल अच्छे पड़ोसी संबंधों के बजाय “विनाश, उकसाया, उग्रवाद और आतंकवाद” में दिलचस्पी ले रहा है.

बहरीन के विदेश मंत्री, खालिद बिन अहमद अल खलीफा ने कहा, “कतर पर आज की बैठक समन्वय के उद्देश्य के लिए थी और हम बाद में पूरा अध्ययन कर निर्णय लेंगे”

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इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो जीटरस ने संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक प्रमुख जेफरी फेल्टमैन को खाड़ी में भेज दिया है ताकि ये चर्चा हो सके कि संयुक्त राष्ट्र इस संकट के समाधान के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ काम कैसे कर सकता है.


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