सऊदी अरब नाटो की तर्ज़ पर इस्लामिक देशों का मिलिट्री एलायंस बनाना चाहता है। नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑरगेनाइजेशन) में 28 देश शामिल हैं। नाटो की खासियत ये है कि इस के किसी देश पर शत्रु देश का हमला पूरे संघटन पर हमला माना जाता है।

‘इंडिपेंडेंट’ ने लिखा है कि जहां सऊदी अरब, आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ सभी मुस्लिम देशों का मिलिट्री एलायंस बनाना चाहते हैं। वहीं वो यह भी कहता है कि ईरान अरब क्षेत्र में आतंकवाद को बढावा दे रहा है। इस तरह अरब परोक्ष ऱूप से सुन्नी मुस्लिम देशों का ही मिलिट्री एलायंस बनाने में रुचि रख रहा है। ‘इंडिपेंडेंट’ ने यह भी लिखा है सुन्नी मुस्लिम देशों के मिलिट्री एलायंस के पक्ष में यदूही बाहुल्य देश इज़राइल भी है।

वो भी ईरान को ठिकाने लगाना चाहता है। क्यों कि ईरान इज़राइल को कई बार तबाह करने की धमकी दे चुका है। कर इस एलायंस को पाकिस्तान ने स्ट्रैटिजक और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का वायदा किया है। पाकिस्तान भी सऊदी नेतृत्व में बन रहे मिलिट्री एलायंस में शामिल हो चुका है।

कुछ विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान पहले इस एलायंस में शामिल होने से इंकार कर चुका था। मगर, जब उसे यह समझाया गया कि ये एलायंस नाटो की तरह काम करेगा तो वो शामिल हो गया। इस एलायंस की विधिवत घोषणा के बाद पाकिस्तान, भारत पर दबाव बनाने की स्थिति में होगा। भारत के साथ युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को सुन्नी मिलिट्री एलायंस के सभी देशों का साथ मिलेगा। (News24)


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