तेल की कीमतों में लगातार गिरावट की वज़ह से सऊदी अरब आर्थिक संकट में घिर गया है। मुश्किल के दौर से उबरने के लिए सऊदी अरब विदेशी बैंकों से 10 अरब डॉलर का कर्ज लेने पर विचार कर रहा है। यह पहली बार है कि सऊदी अरब अपने हालात सुधारने के लिए विदेशी कर्ज ले रहा है। बजट घाटे की भरपाई के लिए सऊदी अरब सरकार ने पहले ही घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पाद की कीमतों में 40 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है। साल 2015 में 100 बिलियन डॉलर के बजट घाटे की भरपाई के लिए सऊदी सरकार ने ये फरमान दिया था।

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इसके अलावा आने वाले पांच सालों में पानी, बिजली और पेट्रोलियम उत्पादों पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने की भी बात की जा रही है। सऊदी राजघराना इन उत्पादों की कीमत सामाजिक उद्देश्यों से कम रखता रहा है। इसके अलावा वैट में बदलाव और टैक्स में इजाफे के माध्यम से भी सऊदी सरकार घाटे की भरपाई करने में जुटी है। इसी साल जनवरी में क़तर ने 5.5 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया है। इसके अलावा ओमान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बैंकों से एक अरब डॉलर का ऋण लिया है। (News24)

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