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म्यांमार सरकार ने अब रोहिंग्या मुस्लिमो के खिलाफ स्थानीय गैर मुस्लिम लोगों को हथियरों की ट्रेनिंग दे रही हैं. रोहिंग्या मुस्लिमो को खतरा बताते हुए म्यांमार सरकार अराकान के उत्तर में गैर मुस्लिम निवासियों को प्रशिक्षण दे रही हैं.

Human rights advocates ने म्यांमार सरकार के इस कदम पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार का यह कदम रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ उनके अधिकारों के हनान और संघर्ष को बढ़ावा देगा. राखिने पुलिस प्रमुख कर्नल सीन ने कहा कि इसको लेकर सीमावर्ती शहर में नई ‘क्षेत्रीय पुलिस “की भर्ती शुरू की गई हैं. जिसमे स्थानीय बोद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भारती किया जाएगा.

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उन्होंने आगे बताया कि इस भर्ती में शिक्षा मानको को अनिवार्य नहीं रखा गया हैं. उन्होंने कहा उम्मीदवारों जो शिक्षा प्राप्ति के मानकों को पूरा करने की जरुरत नहीं है, सिर्फ उन्हें कम से पुलिस द्वारा भर्ती के लिए आवश्यक के रूप में निर्धारित ऊंचाई के मापदंड को पूरा करने की जरुरत हैं.

आंग सान सू ची की नेशनल लीग से राखिने संसद में मंत्री मिन आंग ने इस बारे में कहा कि इस भर्ती से 11 लाख रोहिंग्या मुसलमानों को वंचित रखा गया हैं. पुलिस अराकान की राजधानी सितवे में अगले सप्ताह से भर्ती शुरू करेगी.

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इस तरह की भर्ती कर रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हिंसा में शामिल लड़कों को म्यांमार सरकार सरकारी सरक्षण प्रदान कर रही हैं. ताकि इन लड़ाकों के रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हिंसा में शामिल रहने पर इनके खिआफ कोई कारवाई करने से बचा जा सके.


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