वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारी की दावेदारी कर रहे डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका में सभी मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध के अपनी अपील से टस से मस होने से इनकार कर दिया। हालांकि उनकी पार्टी के अन्य दावेदारों ने उनके इस विवादित रुख पर सवाल खड़ा किया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारी के एक प्रमुख दावेदार जेब बुश ने पूछा है कि क्या ट्रंप भारत और इंडोनेशिया जैसे अमेरिका के मजबूत सहयोगी देशों के भी मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाना चाहते हैं।

मुस्लिम विरोधी बयानबाजी के बाद ट्रंप की लोकप्रियता बढ़ी है। उन्होंने जेब बुश का आग्रह ठुकराते हुए कहा कि वह अपने फैसले की समीक्षा नहीं करेंगे क्योंकि अमेरिका की सुरक्षा उनके लिए सर्वप्रमुख है। ट्रंप ने कहा, ‘मैं इस देश की सुरक्षा चाहता हूं। हमें चरमपंथी इस्लाम से गंभीर समस्या है। हमें जबर्दस्त समस्या है। यह सिर्फ यहां समस्या नहीं है। यह दुनिया में हर जगह समस्या है।’

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रिपब्लिकन पार्टी की पहली नामांकन प्रतियोगिता से एक पखवाड़े पहले बुश ने उम्मीदवारी के शीर्ष छह अन्य दावेदारों के साथ चर्चा में कहा, ‘क्या हम भारत से, इंडोनेशिया से, उन देशों से मुसलमानों को प्रतिबंधित करने जा रहे हैं जो हमारे दृढ़ सहयोगी हैं – जिनसे हमें बेहतर रिश्ते बनाने की जरूरत है? बेशक नहीं’ हमें आईएसआईएस को तबाह करने की जरूरत है।’

ट्रंप ने कहा, ‘हमें राजनीतिक रूप से सही होना रोकना है। हमें एक ऐसा देश बनाने की तरफ जाना है जहां इस तरह की समस्याएं नहीं हों जो हमें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से विमान टकराने, कैलिफोनिर्या में गोलीबारी करने वाले लोगों से हुई।’ उन्होंने कहा, ‘हमें पता लगाना होगा कि क्या चल रहा है। मैंने अस्थायी रूप से कहा है। मैंने स्थायी रूप से नहीं कहा है।’

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बुश ने जवाब में कहा, ‘डोनाल्ड, मुझे उम्मीद है कि आप इस पर फिर से विचार करेंगे क्योंकि यह ऐसी नीति है जो आईएसआईएस को हटाने के लिए जरूरी गठबंधन बनाना नामुमकिन कर देती है। कुर्द हमारे सबसे मजबूत सहयोगी हैं। वे मुसलमान हैं।’ उन्होंने ट्रंप से सवाल किया, ‘आप उन्हें भी हमारे देश में आने की इजाजत नहीं देने जा रहे हैं?’

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तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बुश ने कहा, ‘इसमें अन्य अरब देशों को भूमिका निभानी है। हम दुनिया के पुलिसमैन नहीं हो सकते हैं। हम एकतरफा तौर पर यह नहीं कर सकते हैं। हमें अरब दुनिया के साथ मिल कर इसे करना होगा। और यह संकेत भेजने से हमारे लिए आईएसआईएस से लोहा लेने और सीरिया में लोकतंत्र बहाल करने के बारे में गंभीर होना नामुमकिन होगा।’ सीनेटर टेड क्रुज ने कहा, ‘अगर मैं राष्ट्रपति चुना गया तो हम आईएसआईएस या अलकायदा के नियंत्रण वाले देशों से शरणार्थियों को नहीं आने देंगे। जब आईएसआईएस का मामला होगा तो हम उन्हें कमजोर नहीं करेंगे, हम आईएसआईएस को जबर्दस्त ढंग से और पूरी तरह तबाह करेंगे।’ साभार: नवभारत टाइम्स


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