सऊदी अरब सहित अमीरात, मिस्र, और बहरीन द्वारा क़तर के साथ शुरू हुआ विवाद युद्ध का रूप भी ले सकता है. ऐसे में क़तर ने चेतावनी जारी कर कहा कि सऊदी और उसके सहयोगी देशों को सैन्य कार्रवाई की भारी क़ीमत चुका पड़ेगी.

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार क़तर के विदेशमंत्री मुहम्मद अब्दुर्रहमान आले सानी ने फ़्रांस के टीवी चैनल “वन” से बात करते हुए कहा कि किसी भी संकट को सीधे टकराव से हल नहीं किया जा सकता बल्कि इस तनाव को वार्ता द्वारा हल किया जाना चाहिए और सऊदियों को यह जान लेना चाहिए कि कठोर कार्यवाहियां और सैन्य विकल्प के चयन के कारण क्षेत्र को भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.

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क़तर के विदेशमंत्री ने कहा कि दोहा, अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के विरुद्ध पेश की जाने वाली मांगों को कदापि स्वीकार नहीं करेगा और उन शर्तों पर अमल नहीं करेगा जिनका क्रियान्वयन केवल दोहा पर निर्भर होगा बल्कि इन शर्तों पर सभी देशों को अमल करना होगा.

उन्होंने क़तर पर लगे आतंक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि क़तर ने विभिन्न रूपों में आतंकवाद से संघर्ष का प्रयास किया है और यह सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के नागरिक हैं जो आतंकवादी कार्यवाहियों और आतंकवाद के समर्थन में लिप्त हैं.

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