नई दिल्‍ली: भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लि. अब कतर से करीब आधे दाम में एलएनजी खरीदेगी। इससे देश में सीएनजी बहुत सस्ती होने की संभावनाए हैं। वहीं, इस डील को पीएम मोदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है।

कतर ने भारत को लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट पर बेची जाने वाली गैस की कीमत कम करने पर सहमति जताई है। इससे भारत को करीब 6 अरब डॉलर (करीब 4 खरब रुपये) कम भुगतान करने पड़ेंगे। साथ ही कतर ने तयशुदा मात्रा से 2015 में गैस के कम उठाव को लेकर 12,000 करोड़ रुपये के जुर्माने को भी खत्म करने का फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम में आई भारी गिरावट को देखते हुए दोनों देशों के बीच दाम कम करने पर सहमति बनी है।

और पढ़े -   सीरिया: दमिश्क़ एयरपोर्ट पर इजरायल का हमला, बरसाए एक के बाद एक कई रॉकेट

संशोधित फॉर्म्युले के अनुसार गैस की कीमत घटकर 6 से 7 डॉलर (करीब 400 से 466 रु.) प्रति एमएमबीटीयू रह जाएगी जो फिलहाल 12-13 डॉलर (करीब 800 से 866 रु.) प्रति एमएमबीटीयू है। प्रधान ने कहा कि संशोधित फॉर्म्युला भारत द्वारा रासगैस से लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट के तहत खरीदे जाने वाली 75 लाख टन सालाना एलएनजी पर लागू होगा। यह कॉन्ट्रैक्ट अप्रैल 2028 में खत्म होगा।

और पढ़े -   ये बिज़नसमेन बुर्का बैन तोड़ने पर दुनिया भर में मुस्लिम महिलाओं का अदा कर रहा जुर्माना

इस डील के लिए कतर को राजी करने में मिली कामयाबी वास्तव में एनर्जी सेक्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत है। एनर्जी कंपनियों के बीच बेहतर मोलभाव करने के मकसद से मोदी भारत को दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा खपत वाला देश साबित करने का प्रयास करते रहे हैं। इस डील से यह भी पता चलता है कि तेल की गिरती कीमतें और दुनिया में गैस की भरमार किस तरह निर्यातकों को बेहतर डील करने को मजबूर कर रहे हैं ताकि ग्लोबल एनर्जी ट्रेड में उनकी हिस्सेदारी बरकरार रह सके। साभार: news24online

और पढ़े -   वाशिंगटन मामले में डोनाल्ड ट्रम्प ने तुर्की राष्ट्रपति से मांगी माफ़ी, कहा - 'सॉरी'

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE