क़तर संकट के समाधान का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है. चारो अरब देश अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए अड़े हुए है तो क़तर भी झुकने को तैयार नहीं है. इसी बीच मिस्र ने साफ़ तौर पर कहा कि क़तर के पास हमारी शर्तों को मानने के अलावा कोई रास्ता नहीं है.

मिस्र के विदेश मंत्री सामेह शुक्री ने मंगलवार को ब्रसेल्स में युरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रमुख फ़ेडरिका मोगरिनी के साथ मुलाक़ात के बाद कहा, क़तर को मिस्र, सऊदी अरब, बहरैन और यूएई की समस्त शर्तों को स्वीकार करना ही होगा.

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मिस्री विदेश मंत्री का कहना था कि इस बारे में कोई समझौता नहीं हो सकता. हम आतंकवाद के किसी भी स्वरूप से समझौता नहीं कर सकते, हम न ही कोई समझौता करेंगे और न ही किसी तरह की कोई बातचीत करेंगे.

शुक्री ने कहा कि यह संकट उसी समय समाप्त हो सकता है, जब क़तर हमारी मांगों को स्वीकार कर ले और आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सच्चाई के साथ हमारा साथ दे.

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