क़तर संकट से अरब देशों के बीच उपजे तनाव पर मध्यस्था कर रहे कुवैत ने गंभीर रूप से चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ये संकट जल्द ही समाप्त किया जाना चाहिए.

कुवैत के उप विदेशमंत्री ने कहा है कि क़तर और फ़ार्स की खाड़ी के देशों के बीच उत्पन्न तनाव, इस परिषद के के देशों के लिए भीषण भूकंप के रूप में सामने आ सकते हैं.  उन्होंने कहा कि इस तनाव का बढ़ना बहुत ख़तरनाक है और इसके भयानक दुष्परिणाम सामने आएंगे.

ख़ालिद जारुल्लाह ने लंदन में ब्रिटेन के विदेशमंत्री के साथ भेंट में क़तर और सऊदी अरब, बहरैन, संयुक्त अरब इमारात और मिस्र के बीच उभरे तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके यथाशीघ्र समाधान पर बल दिया है. इसी संदर्भ में ब्रिटेन के विदेशमंत्री बोरिस जाॅन्सन, शीघ्र ही कुवैत की यात्रा पर आ रहे हैं.

गौरतलब रहें कि क़तर का बहिष्कार करने वाले देशों ने क़तर के सामने अपनी 13 मांगें रखी हैं.  हालांकि क़तर के विदेशमंत्री शेख मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी इन शर्तों के बारे में कह चुके हैं कि वास्तविकता पर आधारित न होने के कारण इन शर्तों का पूरा होना संभव नहीं है.


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