नई दिल्ली : यूनिफाइड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के चेयरमैन पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने मंगलवार को मधेसी आंदोलन के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराया। बता दें कि मधेसी आन्दोलन को शांत कराने के लिए प्रचंड लगातार दो दिनों से शांति वार्ता का राग अलाप रहे थे। प्रचंड ने भारत पर राजनैतिक और सैन्य हस्तक्षेप कर नेपाल के विभाजन का आरोप लगा डाला।

लाजिम्पाट स्थित अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रचंड ने कहा कि मधेसी नेता उपेन्द्र यादव और महंथ ठाकुर को भारत, नेपाल के खिलाफ राजनैतिक मोर्चे के रूप में प्रयोग कर रही है। साथ ही सीके राउत और जय कृष्ण गोइत को सैन्य मोर्चे के रूप में भारत सरकार प्रयोग कर नेपाल को अस्थिर करने की साजिश रच रही है।

प्रचंड ने भारत पर अघोषित नाकेबंदी के साथ नेपाल की भावनाओं के साथ खेलने का आरोप भी लगाया। प्रचंड ने कहा कि इस खेल में भारत कुछ भी कर ले लेकिन जीत उनकी ही होगी।

हालांकि इससे पहले सुनसरी में शनिवार और रविवार को प्रचंड ने शांति वार्ता से मुद्दे के समाधान की बात उठाई थी। उन्होंने संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा पर विश्वास जताते हुए समाधान की उम्मीद जताई थी। इसके तहत वार्ता भी हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता देख मंगलवार को उनका सुर बदल गया। इस मुद्दे पर उपेन्द्र यादव ने कहा कि हम शुरू से जानते हैं कि नेपाल सरकार मधेसियों के साथ दोहरी नीति अपनाएगी। ऐसा नहीं होता तो दो दिनों तक शांति वार्ता की रट लगाने वाले प्रचंड मंगलवार को मधेसियों के विरुद्ध कड़े शब्द का प्रयोग क्यों करते। साभार: न्यूज़ 24


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