अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में रहने वाले फ़िलिस्तीनी जनता को, ज़ायोनी अधिकारियों की कार्यवाहियों के कारण गरीबी की रेखा से नीचे ज़िंदगी गुज़ार पड़ रहा हैं।

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क़ुद्सोना समाचार एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, फ़िलिस्तीनी मज़दूरों के हितो की एक संस्था द्वारा जारी किए गये आंकड़ों के अनुसार अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में रहने वाले हर पांच फ़िलिस्तीनियों में से चार फ़िलिस्तीनी ग़रीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं यानि बैतुल मुक़द्दस के फ़िलिस्तीनियों में 80 प्रतिशत बेहद ही गरीब फ़िलिस्तीनी हैं।

आंकड़े बताते हैं कि फ़िलिस्तीन मज़दूर की प्रतिदिन की आय दो डाॅलर दस सेन्ट से कम है जबकि इससे कहीं अधिक इस्राईली मज़दूरों को वेतन मिलता है। अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के फ़िलिस्तीनी मज़दूरों की विषम स्थिति के कारण इस शहर में रहने वाले 85 प्रतिशत फ़िलिस्तीनी बच्चे बहुत ही ख़तरनाक और विषम परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

यह एेसी स्थिति में है कि फ़िलिस्तीन मज़दूर यूनियन ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी करके कहा कि गज़्ज़ा के 70 प्रतिशत मज़दूर भी ग़रीबी की रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं जबकि उनमें बेरोज़गार का स्तर 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।


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