इजरायल की एक सैन्य अदालत ने फिलिस्तीनी विधान परिषद (पीएलसी) के सदस्य खलिदा जारार को बिना किसी आरोप के  6 माह की प्रशासनिक हिरासत में भेजने की सज़ा सुनाई है.

नारीवादी और मानवाधिकार कार्यकर्ता जरार को इस महीने के शुरूआत में रातोंरात छापे के दौरान घर से हिरासत में लिया गया था. हालांकि 17 जुलाई को अदालत की सुनवाई में सजा पर रोक लागए जाने की उम्मीद है.

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इसराइल ने उन पर फिलीस्तीन की आजादी के लिए लिबरेशन ऑफ़ फिलिस्तीन संगठन से जुड़ने का आरोप लगाया है. इजराइल इस संगठन को आतंकवादी संगठन मानता है.

इजराइल के इस कदम की आलोचना करते हुए फिलिस्तीनी संगठनों ने कहा कि खालिदा जरार की गिरफ्तारी फिलीस्तीनी राजनीतिक नेताओं और फिलीस्तीनी नागरिक समाज के खिलाफ एक हमले के रूप में की गई है.

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2 जुलाई को जरार की गिरफ्तारी के बाद इजरायल की सेना ने अपने बयान में कहा कि उनकी गिरफ्तारी पीएलसी के सदस्य के रूप में नहीं की गई बल्कि उनके पीएफएलपी से सबंधों को लेकर की गई है.


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