वरिष्ट नेता उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरान के हजयात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि हज यात्रा के समय हाजी साहेबान फिलिस्तीन और मस्जिदुल अक्सा को अनदेखा न करे. उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन का मुद्दा का कभी भुलाए जाने वाला विषय नहीं है.

उन्होंने कहा,  मुसलमानों की आस्था और इस्लामी विषयों विशेषकर फ़िलिस्तीन के विषय को उठाने के लिए पवित्र काबे, मक्के, मदीने, अरफ़ात, मशअर और मिना जैसे पवित्र स्थलों से अच्छा स्थान कहां होगा ? उन्होंने कहा, हज के दौरान इस्लामी देशों विशेषकर मध्यपूर्व में अमरीका की दुष्टता और तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों की हिंसक कार्यवाहियों की भी निंदा करनी चाहिए.

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वरिष्ठ नेता ने कहा कि वर्तमान समय का ज्वलंत विषय, मस्जिदुल अक़सा है.  उन्होंने कहा कि ज़ायोनी बहुत दुस्साहसी हो गए है. वे इस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं मानों वे मस्जिदुल अक़सा के मालिक हैं. ऐसे में और भी फ़िलिस्तीन का मुद्दा का कभी भुलाए जाने वाला विषय नहीं है.

ख़ामेनेई ने कहा कि हज के दौरान मुसलमानों के बीच एकता स्थापित करने की बात को होनी चाहिए क्योंकि मुसलमानों के बीच मतभेद फैलाने के लिए अरबों डालर ख़र्च किये जा रहे हैं. एेसे में मुसलमानों को बहुत होशियाऋ से मतभेदों से बचें.

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