एनआईए ऑफिसर तंजील अहमद की हत्या को पाकिस्तान की ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (जेआईटी) अपनी तरह से भुनाने की कोशिश कर रही है। पाक जेआईटी ने हमले को पाकिस्तान की छवि बिगाड़ने की भारतीय साजिश करार देते हुए कहा कि भारत खुद ही इस मामले पर से पर्दा नहीं उठाना चाहता है। जेआईटी के एक सदस्य ने कहा कि एक मुस्लिम जांचकर्ता (तंजील अहमद) की हत्या से यह साबित होता है।

‘पाकिस्तान टुडे’ नाम की एक न्यूज वेबसाइट पर प्रकाशित खबर में जेआईटी के एक सदस्य का बयान दिया गया है। इसमें कहा गया है, ‘एक मुस्लिम इन्वेस्टिगेटर की नृशंस हत्या इस बात का सबूत है कि इंडियन इस्टेब्लिशमेंट मामले को दबाकर रखना चाहती है। बीते रोज़ प्रकाशित इस खबर में कहा गया है कि जेआईटी को अब पूरी तरह से विश्वास हो गया है कि पठानकोट एनकाउंटर इंडियन अथॉरिटीज द्वारा रची गई साजिश थी और कुछ नहीं।

‘पाकिस्तान टुडे’ के मुताबिक, पठानकोट एयरबेस का दौरा कर चुके एक जेआटी सदस्य ने कहा कि हमला पाकिस्तान के खिलाफ ‘शातिराना दुष्प्रचार’ के सिवा कुछ नहीं था क्योंकि भारतीय अथॉरिटीज के पास अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं था। पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेआईटी (पठानकोट) हमले पर अपनी रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सौंपेगी देगी।

इसमें कहा गया है कि एनआईए ने भारत दौरे पर पहुंची जेआईटी का सहयोग नहीं किया। गौरतलब है कि यह एनआईए के उस बयान से उलट है जो उसने भारतीय मीडिया के सामने दिया था। भारत सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘भारतीय मीडिया की उन रिपोर्टों से (पाकिस्तानी) इस्टेब्लिशमेंट का एक वर्ग शायद खुश नहीं है। वो यह नहीं चाहता दुनिया ये जाने कि पठानकोट एयरबेस पर पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया था। हालांकि जब तक वो लोग अधिकारिक रिपोर्ट अपनी सरकार को ने सौंप दें तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं है। (News24)


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