पाकिस्तान में 300 साल पुराना भाई बीबा सिंह गुरुद्वारा दोबारा खोल दिया गया है। पेशावर के जोगीवारा में स्थित यह गुरुद्वारा करीब 64 साल पहले बंद कर दिया गया था। माना जाता है कि इसे सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह के भाई बीबा सिंह ने बनवाया था।

ऐसा माना जाता है कि इसे सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह के भाई बीबा सिंह ने बनवाया था।

बुधवार को एक प्रोग्राम के दौरान इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने गुरुद्वारे को आधिकारिक तौर पर सिख कम्युनिटी को सौंप दिया। पिछली तीन सदियों से सिख कम्युनिटी जोगीवारा के गुरुद्वारे में जाती रही है। मगर साल 1947 में देश विभाजन के बाद ज्यादातर परिवार भारत के अलावा रावलपिंडी, हसन अब्दल और खैबर जैसे इलाकों में चल गए थे। बाद में लोगों ने यहां आना बंद कर दिया। रिलिजियस डिपार्टमेंट ने इसे अपनी कस्टडी में लेकर बंद कर दिया। गुरुवारे को दोबारा खोले जाने के बाद इस पर साढ़े आठ लाख रुपए खर्च कर रेनोवेशन किया गया। यह काम साल 2013 से चल रहा है।
गुरुद्वारे को दोबारा खोले जाने के फैसले के बाद इस पर साढ़े आठ लाख रुपए खर्च कर रेनोवेशन किया गया।
पेशावर में रहते हैं 1200 सिख
पाकिस्तान में सिख समुदाय ने गुरुद्वारे को दोबारा खोले जाने पर बेहद खुशी जताई है। कम्युनिटी के चेयरपर्सन रादेश सिंह ने कहा कि इससे पहले शहर में दो गुरुद्वारे थे। इसमें से एक पर आर्मी ने बेस कैंप बना लिया। जिससे 1200 सिखों के लिए एक गुरुद्वारे में जाना काफी मुश्किल था।
1947 में पार्टीशन के बाद ज्यादातर फैमिलीज भारत के अलावा पाक के रावलपिंडी, हसन अब्दल और खैबर जैसे इलाकों में चली गई थीं। इसके बाद यहां लोगों को आना बंद हो गया।
वहीं माइनॉरिटी अफेयर्स मिनिस्टर सरदार सोरन सिंह ने राज्य सरकार की तरफ से तीन रुपए का फंड भी दिया। सिंह ने कहा कि गुरुद्वारे का दोबारा खोले जाने का फैसला पाकिस्तान में इकबाल और मोहम्मद अली जिन्ना के सपने को दिखाता है।
यह गुरुद्वारा 1700 के आसपास बना था।
दूसरी तरफ यह भी माना जाता है कि इस गुरुद्वारे को सिख महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था। उन्होंने पंजाब पर 1780 से 1839 तक हुकूमत की थी। (Live India)
यह भी माना जाता है कि इसे सिख महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था।

 


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