कतर के साथ कूटनीतिक संबंधों में कटौती करने से पाकिस्तान ने सऊदी अरब का साथ देने से साफ़ इनकार कर दिया है. विदेश मंत्रालय की और से जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान की कोई तत्काल योजना नहीं है,

सऊदी अरब और कथित अन्य तीन मध्य पूर्व देशों द्वारा कतर के साथ संबंधों को तोड़ने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस ज़कारिया ने सोमवार को कहा कि “इस समय कतर के मुद्दे पर कुछ भी नहीं सोचा है, अगर कुछ होता है तो हम एक बयान जारी करेंगे.

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गौरतलब रहें कि सऊदी अरब के नेतृत्व में बने इस्लामिक देशों की गठबंधन की कमान पाकिस्तान के हाथ में सौंपी गई है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान इस मामले में सऊदी अरब का साथ दे सकता है.

हालांकि कतर के शाही परिवार के साथ प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ के रिश्तों को लेकर वे पहले परेशानी झेल रहे है. पनामा पेपर्स मामले के कारण शरीफ खुद को दोहा से दूर नहीं कर सकते जबकि ऐसे समय में कि आम चुनाव को लेकर एक साल से भी कम समय बचा हो.

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