पिछले कई दिनों ने श्रीलंका में सुनियोजित तरीके से देश के अल्प्संखयक समुदाय के खिलाफ फैलाई जा रही सांप्रदायिक हिंसा के लिए कट्टरपंथी बौद्ध धर्मगुरु को गिरफ्तार किया गया है.

गिरफ्तार धर्मगुरु पर मुस्लिमों के खिलाफ हमले करने और लोगों को उकसाने का आरोप है. साथ ही इस व्यक्ति का संबंध कट्टरपंथी बौद्ध संगठन ‘बोदो बाला सेना’ से है. बीबीसी की खबर के मुताबिक उन पर मुसलमानों के खिलाफ हमले और आगजनी करने जैसे कई आरोप हैं, जिससे देश में साम्प्रदायिक और तनाव में वृद्धि हुई.

पुलिस प्रवक्ता परियानाथा जे कोडी का कहना है कि पिछले अप्रैल से मुसलमानों के घरों, उनके व्यवसाय, मस्जिदों और कब्रिस्तानों में आगजनी के अब तक 16 घटनाओं से संबंधित जांच की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘हम ऐसे अपराध के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर रहे हैं.’

पुलिस का कहना है जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है उनका कोलंबो के बाहरी इलाके में होने वाली आगजनी से सीधा संबंध है. गिरफ्तार किए गए उक्त व्यक्ति को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है. श्रीलंका में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को पेट्रोल बम से निशाना बनाया जाता रहा है और पुलिस इस संबंध में भागने वाले एक सरगना गलागोदती गननासारान को न पकड़ने पर आलोचना का सामना करना पड़ा है.

पुलिस का कहना है कि जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है वह गननासारान का करीबी सहयोगियों में से एक हैं. गननासारान कट्टरपंथी बौद्ध के धार्मिक नेता हैं जो पिछले मई से उस समय से लापता हैं जब पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था. इस दौरान बोदो बाला सेना के एक प्रवक्ता ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा है कि उनके संगठन मुसलमानों के खिलाफ होने वाले हमलों में शामिल नहीं है लेकिन संगठन ने सरकार पर यह कहकर आलोचना भी की है कि वे बौद्ध बहुल देश में इस्लामी चरमपंथ को बढ़ावा दे रही है.

इस कट्टरपंथी संगठन पर इससे पहले भी 2014 में धार्मिक दंगे भड़काने के आरोप लगाए जा चुके हैं, उस दौरान चार लोग मारे गए थे.


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