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भारतीय मूल के पूर्व अमेरिकी मरीन सार्जेट इमरान यूसुफ को ओरलैंडो के समलैंगिक नाइटक्लब में हुई गोलीबारी के दोरान अपनी जान जोखिम में डाल कई लोगों की जान बचाई. पल्स नाइटक्लब में बतौर बाउंसर काम कर रहे युसूफ ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए नाइटक्लब के पिछलें रास्तें से कई लोगों को बाहर निकाला.

इमरान यूसुफ के अनुसार, नाइटक्लब में हॉल के पीछे लोग डर से चिल्ला रहे थे और मैं ‘दरवाजा खोलो’, ‘दरवाजा खोलो’ चिल्ला रहा था. डर की वजह से कोई भी वहां से हिल नहीं रहा था. उन्होंने कहा, “कोई विकल्प नहीं था. हम या तो वहीं रुके रहते और मर जाते या मैं खतरा मोल लेता और वह कुंडी खोलने के लिए कूद पड़ता.”

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उन्होंने कहा कि मेरे फौरन हरकत में आने से 60-70 जिंदगियां बच गईं. चैनल के अनुसार, यूसुफ ने रोते हुए कहा, “काश मैं और लोगों को भी बचा सकता। बहुत से लोग मारे गए”


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