तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने सीरियाई शरणार्थियों के मामले को एक बार फिर हथियार के रूप में प्रयोग करते हुए धमकी दी है कि यदि तुर्क नागरिकों को यूरोप में बग़ैरा वीज़ा यात्रा करने की अनुमति न दी गई तो तुर्क संसद शरणार्थियों के विषय पर युरोपीय संघ से होने वाले समझौते को रोक देगी।

अर्दोग़ान ने कहा कि यूरपीय संघ ने अब तक वह फ़ंड भी जारी नहीं किए जिसका वादा उसने किया था। अर्दोग़ान इससे पहले भी यूरोपीय देशों को धमकियां देते रहे हैं कि यदि उनकी मांगें न पूरी की गईं तो वह सीरियाई शरणार्थियों को वह यूरपीय देशों की ओर बढ़ने से रोकना बंद कर देंगे।

दूसरी ओर यूरोपीय संघ का कहना है कि तुर्की को इस बारे में और शर्तें पूरी करनी होंगी जिसमें आतंकवाद से संबंधित क़ानूनों में संशोधन भी शामिल है। तुर्की और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले समझौते का उद्देश्य यूरोप में लगों की बड़े पैमाने पर आवाजाही को रोकना है।

इस बात की संभावना बढ़ रही है कि तुर्क नागरिकों को यूरोप में वीज़ा के बग़ैर यात्रा करने की अनुमति देने का मामला जारी महीने के आख़िर तक हल नहीं होगा।

इससे पहले जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने रजब तैयब अर्दोग़ान से मुलाक़ात के बाद कहा था कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए यह समय पर्याप्त नहीं है।

अर्दोग़ान ने कहा कि यदि तुर्क नागरिकों को यूरोप में बग़ैर वीज़ा के यात्रा की अनुमति नहीं मिलती तो इस मामले में तुर्की की संसद से कोई क़ानून बाहर नहीं आएगा।


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