Majur Juac, once a lost boy of Sudan, is now a chess master and teacher in New York.

रियाद। सउदी अरब अपने अजब गजब कानूनी प्रावधानों को चलते अक्सर चर्चा में रहता है। इसमें नई कड़ी जुड़ गई है, जिसके बाद से सउदी अरब के नियम और कानून फिर से चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, एक धर्मगुरु ने शतरंज के खेल पर प्रतिबंध लगा दिया है। धर्मगुरु का कहना है कि शतरंज खेलने से जुए को बढ़ावा मिलता है, जिसे कुरान में हराम करार दिया गया है।

सउदी अरब में धर्मगुरु के आदेश के बाद शतरंज पर भले ही पाबंदी लगा दी गई है, पर यहां शुक्रवार से शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता पर किसी तरह की कोई रोक नहीं लगाई है।

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शतरंज पर रोक का ये आदेश सउदी के शीर्ष धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला ने लगाई है। उनका कहना है कि ये समय की बर्बादी वाला खेल है और इससे जुए की लत को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इसके खिलाफ फतवा जारी करते हुए ये बातें कहीं, जिसके बाद इस खेल पर रोक लगा दिया गया। वैसे, शुक्रवार से सउदी अरब के पवित्र शहर मक्का में अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई है। जिसपर प्रशासन ने किसी तरह की कोई रोक नहीं लगाई है। शतरंज पर प्रतिबंध लगाने को लेकर शीर्ष खिलाड़ियों ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। ब्रिटेन के अबतक के सबसे बड़े शतरंज के खिलाड़ी निगेल शॉर्ट ने इस प्रतिबंध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध खेल पर धब्बे की तरह है।

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आपको बता दें कि सउदी अरब से पहले इरान ने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में शतरंज को प्रतिबंधित कर दिया था। उसका मानना था कि इससे जुए को बढ़ावा मिलता है। हालांकि 1988 में शीर्ष धर्मगुरु अयातुल्लाह रुहोल्ला खुमैनी ने ये कहते हुए इसमें ढील दी कि इसे जुए की तरह बिल्कुल न लिया जाए। अन्यथा उसे कानूनी मामलों का सामना करना पड़ेगा।

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