USA defense minister

अमेरिका के रक्षामंत्री एश्टन कार्टर ने ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्व विद्यालय में दावा किया है कि क्षेत्र में ईरान की नीति एक प्रकार का ख़तरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका विशेषकर फार्स खाड़ी के आस- पास के उन क्षेत्रों पर नज़र रखे हुए है जिसमें उनके अनुसार ईरान का प्रभाव है। कार्टर ने इसी प्रकार बल देकर कहा कि वाशिंग्टन मध्यपूर्व और विश्व के हर क्षेत्र में अपने साथियों व घटकों के साथ बाकी रहेगा।

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पहला यह कि अमेरिका ने परमाणु समझौते के बाद यह समझाने का प्रयास किया है कि उसने परमाणु समझौते के माध्यम से ईरान को परमाणु हथियारों के निर्माण से रोक दिया है जबकि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी की रिपोर्टों में बारमबार ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि की गयी है।

दूसरा विषय जिस पर अमेरिका बल देता रहा है, वाशिंग्टन द्वारा ईरान के विरुद्ध दुष्प्रचार करना है। वर्तमान समय में अमेरिका ने सुरक्षा के विषय पर ध्यान केन्द्रित कर रखा है और क्षेत्र में आतंकवादी गुट दाइश की उपस्थिति ने अमेरिका को आवश्यक बहाना दे रखा है ताकि वह आतंकवाद से मुकाबले का कर सके।

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जैसाकि अमेरिका के रक्षामंत्री एश्टन कार्टर ने दावा किया कि अमेरिकी रक्षामंत्रालय आतंकवाद से मुकाबले को जारी रखेगा और दाइश को प्रभावी आघात पहुंचाने के लिए प्रयास करता रहेगा।

अमेरिका के यह बहुपक्षीय लक्ष्य इस बात के सूचक हैं कि अमेरिका ईरान विरोधी बातें और उसके विरुद्ध दुष्प्रचार करके उसे अलग- थलग करने के लिए सऊदी अरब से सहकारिता करता रहे।

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अलबत्ता इस बीच सऊदी अरब क्षेत्र में अतिवादी तत्वों के समर्थन से अशांति व तनाव में वृद्धि करने का प्रयास करता रहेगा। बहरहाल अमेरिका के रक्षामंत्री एश्टर कार्टर के बयान का लक्ष्य ईरानोफोबिया को जारी रखना और क्षेत्र की वास्तविकताओं को उल्टा दिखाना है। ( पार्सटुडे )


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