अमरीकी कांग्रेस ने 9/11 के हमले से जुड़ी 28 पन्नों को की ख़ुफ़िया रिपोर्ट को सार्वजनिक किया हैं. शुक्रवार को जारी इस गुप्त दस्तावेज़ के अनुसार सऊदी हुकू़मत और इन हमलावरों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं नज़र आता, लेकिन ये संभव है कि उन्हें देश के अंदर कुछ लोगों से आर्थिक मदद मिली हो.

रिपोर्ट में कहा गया है, “एफ़बीआई और सीआईए के दस्तावेज़ों के अनुसार ग्यारह सितंबर के कुछ हमलावर जब अमरीका में थे तो संभवत: उनके ऐसे लोगों से ताल्लुकात थे जो सऊदी सरकार से जुड़े हुए थे.”  रिपोर्ट में कहा गया है ओमर अल बयूमी नामक एक सऊदी ख़ुफ़िया अधिकारी दो हमलावरों से कैलिफ़ोर्निया के सैन डिएगो शहर में एक सार्वजनिक जगह पर मिला था.

एफ़बीआई के फ़ाइलों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलावरों के कैलिफ़ोर्निया पहुंचने के दो महीने के बाद इस अधिकारी का वेतन 465 डॉलर प्रति माह से बढ़कर 3,700 डॉलर प्रति माह हो गया था. एक पन्ने में इस बात का विवरण है कि 1999 में दो हमलावर फ़ीनिक्स से वॉशिंगटन की उड़ान के दौरान विमान कर्मचारियों से विमान की तकनीकी चीज़ों के बारे में पूछताछ कर रहे थे. दोनों ही वॉशिंगटन में सऊदी दूतावास में एक पार्टी में शामिल होने जा रहे थे.

रिपोर्ट के अनुसार उनमें से एक ने दो बार कॉकपिट में घुसने की भी कोशिश की थी. विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. एफ़बीआई ने इसकी जांच पड़ताल भी की लेकिन कोई मुकदमा नहीं दायर हुआ.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की सर्वोच्च कमान संभालने वाली ऑफ़िस ऑफ़ दी डायरेक्टर ऑफ़ नैशनल इंटेलीजेंस (डीएनआई) का भी कहना है कि रिपोर्ट के जारी किए जाने का ये मतलब नहीं है ख़ुफ़िया एजेंसियां इसमें शामिल की गई जानकारियों से सहमत हैं.

अमरीका में सऊदी अरब के राजदूत ने कहा है कि उनका देश इन पन्नों के जारी किए जाने का स्वागत करता है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अरनेस्ट ने पन्नों के जारी होने से पहले ही बयान दिया कि उनमें ग्यारह सितंबर के हमलों में सऊदी अरब की भूमिका से संबंधित कोई सबूत नहीं हैं. उनका कहना था, “हम उम्मीद करते हैं कि इनके जारी होने से सऊदी अरब की भूमिका और मंशा पर जो भी सवाल थे वो दूर हो जाएंगे.”


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