no Palestinian should remain live

इस्राईल के एक वरिष्ठ धर्मगुरु शमुईल इलियाहू ने एक भड़काउ बयान में कहा है कि तेल अबिब को फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार करने के बजाए किसी एक को ज़िन्दा नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में सुरक्षा स्थापित होगी।

फ़िलिस्तीनी न्यूज़ नेटवर्क के अनुसार, इस्राइली धर्मगुरु शमूईल इलियाहू ने अपने फ़ेसबुक पेज पर मंगलवार को लिखा, “इस्राइली सेना को फ़िलिस्तीनियों की गिरफ़्तारी रोक देनी चाहिए और किसी एक को नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि सबको जान से मार देना चाहिए।”

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साफ़िद शहर के धर्मगुरु शमूईल इलियाहू का अरबों और मुसलमानों के बारे में इस प्रकार के नस्लभेदी बयान देना रिकॉर्ड पुराना है। इससे पहले उन्होंने इस्राइली शासन से अरबों से बदला लेने के लिए कहा था ताकि उन्हीं के शब्दों में इस्राईल की निवारक शक्ति को पुनः स्थापित किया जा सके। उन्होंने फ़िलिस्तीनियों को इस्राईल का दुश्मन कहा था।

2007 में ज़ायोनी अख़बार जेरुसलम पोस्ट ने उनके एक बयान का हवाला दिया था जिसमें उन्होंने फ़िलिस्तीनियों की ओर संकेत करते हुए कहा था, “अगर 100 को मारने पर भी वे न रुके तो हमें 1000 को मारना चाहिए, फिर भी न रुकें तो हमें 10000 को मारना चाहिए, अगर फिर भी न रुकें तो हमें 1 लाख को मारना चाहिए और अगर फिर भी न रुकें तो 10 लाख को मारना चाहिए।”

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2012 में शमूईल इलियाहू के ख़िलाफ़ नस्लभेदी बयान देने पर चार्जशीट दाख़िल हुयी थी किन्तु इस्राइली न्याय मंत्री ने यह कहते हुए इलियाहू के ख़िलाफ़ आरोप को ख़ारिज कर दिया था कि उनके बयान को हो सकता है कि पत्रकारों ने बदल दिया हो।


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