संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था युनेस्को ने एक बार फिर से इस्राईल को लताड़ लगाते हुए स्पष्ट कर दिया कि बैतुल मुक़द्दस या यरुश्लम पर उसका कोई अधिकार नहीं हैं. इस्राईल ने इस पर अवैध कब्ज़ा बना रखा हैं. फ़िलिस्तीन के विदेश मंत्रालय ने युनेस्को की इस टिप्पणी का स्वागत किया हैं.

फिलिस्तीन के विदेश मंत्री रियाज़ मालेकी ने कहा कि युनेस्को में फ़िलिस्तीन के प्रस्तावों को विफल बनाने की इस्राईल की लाख कोशिशों के बावजूद एक बार फिर विश्व समुदाय ने हमारे प्रस्तावों के पक्ष में फ़ैसला सुनाया है और अत्याचार तथा ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़े के मुक़ाबले में सत्य का साथ देने का रास्ता चुना है.

बयान में कहा गया है कि इन प्रस्तावों में बैतुल मुक़द्दस शहर की एतिहासिक और सांस्कृतिक हैसियत को चिन्हिंत किया गया है और यह भी कहा गया कि युनेस्को की ओर से एक प्रतिनिध बैतुल मुक़द्दस भेजा जाए जो स्थायी रूप से इस शहर में रहे और निगरानी करे कि इस्राईल वहां क्या गतिविधियां कर रहा है और किस तरह इस शहर के धार्मिक, एतिहासिक और सभ्यता संबंधी अवशेषों को मिटाने और बदलने की कोशिश कर रहा है.

यह प्रस्ताव पेरिस बैठक में पास हुआ जहां 22 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में औ दस ने इसके विरोध में मतदान किया, 23 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE