myanmar

म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिसका ताज़ा उदाहरण रविवार को 400 मुसलमानों के घरों को जला दिया गया।

म्यांमार से प्राप्त समाचारों के अनुसार इस बार म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के घरों को जलाने वाला कोई और नहीं है बल्कि स्वयं म्यांमार की सरकार है। इस देश की सरकार ने एक आदेश जारी कर सैकड़ों मुसलमानों के घरों को आग लगवा दी।

रविवार के दिन प्रकाशित होने वाली ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के अनुसार उपग्रह से प्राप्त चित्रों से पता चला है कि पश्चिमी म्यांमार में स्थित मुसलमानों की बस्तियों को जलाया जा रहा है। इन चित्रों के अनुसार मुसलमानों की आबादी वाले तीन गांवों में मौजूद लगभग 400 घर जलकर राख हो गए हैं।

ह्यूमन राइट्स वॉच के एशिया के निदेशक ब्रॉड एडम ने म्यांमार के गोवों में लगी आग को कल्पना से कहीं अधिक भीषण बताया है। उन्होंने म्यांमार की सरकार से मांग की है कि देश के रोहिंग्या मुसलमानों को तुरंत न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।

उल्लेखनीय है कि म्यांमार की सीमा पर कुछ दिन पहले म्यांमार पुलिस पर हुए अज्ञात लोगों के हमले के बाद सरकार ने राखीन प्रांत में सुरक्षा उपायों में वृद्धि कर दी है और साथ ही सरकार ने इस प्रांत के मुसलमानों को पुलिस पर हुए हमले का ज़िम्मेदार ठहराया था।

दूसरी ओर सेना के हेलीकाप्टरों ने मुस्लिम बस्तियों पर हमला किया है जिसमें 6 रोहिंग्या मुसलमान मारे गए। संयुक्त राष्ट्र ने भी अपनी नवीनतम रिपोर्ट में रोहिंग्या मुसलमानों को दुनिया के सबसे अधिक अत्याचार झेलने वाले इंसानों में शामिल किया है।

ज्ञात रहे कि म्यांमार में मुसलमानों की आबादी 13 लाख बताई जाती है लेकिन सरकार न केवल उन्हें नागरिकता के अधिकार से वंचित रखे हुए है बल्कि बौद्ध धर्म के अतिवादी तत्वों की मदद से उनपर निर्दयता से अत्याचार करवाए जा रहे हैं और साथ ही उन्हें निर्वासित करने की कोशिश की जा रही है। अत्याचारग्रस्त रोहिंग्या मुसलमानों की बड़ी संख्या ने जान बचाने के लिए थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया सहित कई अन्य देशों का रुख किया है

parstoday की खबर पर आधारित


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें