क़तर के साथ रिश्तें तोड़ने के साथ ही सऊदी अरब ने अब इस्लामिक मामलो विशेषकर इबादतों में भी राजनीति करनी शुरू कर दी है. सऊदी अरब से जारी एक विवादित फतवे में कहा गया कि इस साल क़तर के किसी भी मुसलमान का रोजा कबूल नही होगा.

सऊदी मुफ्ती शेख जमआन अज़्ज़ब ने फतवा जारी कर कहा कि क़तर के मुसलमानों के रोजे कबूल नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने इश्वरीय शासक ” की आज्ञा का पालन नहीं किया है.

मुफ्ती ने कहा कि क़तर के लोगों के रोजे जब तक अधूरे रहेंगे कि वे सऊदी अरब से माफी नहीं मांगते और सऊदी अरब इस माफी को कबूल नहीं कर लेता.

मुफ्ती शेख जमआन अज़्ज़ब ने आगे कहा कि सऊदी अरब का विरोध, महिलाओं की माहवारी और बच्चे पैदा करने जैसा है कि जिसके दौरान रोज़ा सही से नहीं होता. उन्होंने तत्काल क़तर को सऊदी अरब से माफ़ी मांगने को कहा है.


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