केन्द्र की मोदी सरकार ने वैदिक ब्राह्माणों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की पूरी तैयारी कर ली है. हालांकि इस का विरोध भी शुरू हो गया है.

केन्द्र सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग को आदेश दिया है कि वह  वैदिक ब्राह्मणों को अल्पसंख्यकों का दर्जा देने की सिफारिश करे. लेकिन अल्पसंख्यक आयोग ने ही इसका विरोध शुरू कर दिया है.

अल्पसंख्यक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैदिक ब्राह्मणों को अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं दिया जा सकता है क्योंकि वे हिन्दू धर्म के अभिन्न अंग हैं. हालांकि कमीशन ने इस बारे में अंतिम फैसला केन्द्र सरकार पर छोड़ दिया है.

अल्पसंख्यक आयोग का कहना है कि यदि सरकार ब्रह्माण महासभा या फिर अखिल भारतीय ब्रह्माण महासभा की मांग पर वैदिक ब्रह्माणों को अल्पसंख्यक का दर्जा दे देती है तो इसी तरह की मांग राजपूत, वैश्य और दूसरे हिन्दू जातियों की तरफ से भी उठ सकती है. इसलिए ब्रह्माणों को अल्पसंख्यक दर्जा देना सही नहीं है.

ध्यान रहे भारत में 6 धार्मिक समुदायों को अल्पसंख्यकों का दर्जा हासिल है इनमें, मुस्लिम, क्रिश्चयन, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी शामिल है.


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