बीजिंग | चीन में मुस्लिमो पर नए नए प्रतिबंध लगना जारी है. पहले दाढ़ी रखने और रोजा रखने पर रोक लगाई गयी तो अब खुले में नमाज पढने पर भी रोक लगा दी गयी है. यही नही नमाज पढने आ रहे हर शख्स को रास्ते में लगे कई मेटल डीटेक्टर से भी गुजरने को मजबूर किया जा रहा है. फ़िलहाल चीन , मुस्लिमो के लिए एक खुली जेल बनता जा रहा है जहाँ सांस भी सरकार से पूछकर लेने को मजबूर होना पड़ रहा है.

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मिली जानकारी के अनुसार चीन के पश्चिमी शहर काशगर में मुस्लिमो को नमाज पढने से पहले मेटल डीटेक्टर से गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है. मस्जिद तक पहुँचने वाले रास्ते में कई मेटल डीटेक्टर लगाए गए है. जो भी शख्स मस्जिद में नमाज पढने के लिए जा रहा है उससे पुलिस कर्मी इस मेटल डीटेक्टर से गुजार रहे है इसलिए अलावा उनसे कई सवाल जवाब भी किये जा रहे है.

खबर यह भी की है की उनके वाहनों को भी रोककर उनकी तलाशी ली जा रही है. इसके अलावा प्रशासन ने खुले में नमाज पढने पर भी रोक लगा दी है. यही कारण है की काश्गर की सेंट्रल मस्जिद के बाहर अब एक भी नमाजी , नमाज पढ़ते हुए दिखाई नही देता. 2009 से पहले तक मस्जिद के बाहर का चौक , नमाजियों से भरा रहता था. इस बार तो ईद के मौके पर भी यहाँ कोई मुस्लिम दिखाई नही दिया.

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जानकारों का कहना है की चीनी सरकार इस्लामी कट्टरता और अलगावादियों को मिल रही ताकत को रोकने के लिए यह सब इंतजाम कर रही है. हालाँकि प्रशासन इस नयी व्यवस्था के बारे बोलने से बच रहे है. लेकिन पुलिस की यह सख्ती यहाँ के लोगो को पसंद नही आ रही है. बताते चले की चीन के शिनजिंग प्रांत में उईगर मुस्लिमो की एक बड़ी आबादी रहती है. 2009 में हुए दंगो के बाद से चीनी सरकार ने मुस्लिमो पर नए नए प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए.

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