मस्जिदुल अक्सा में मेटल डिटेक्टर लगाने के चलते फिलिस्तीन सहित पूरी दुनिया में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के चलते इजरायल को फिलिस्तीनियों के आगे झुकना ही पड़ा और उनकी मस्जिदुल अक्सा से मेटल डिटेक्टर हटाने की मांग स्वीकार करनी पड़ी.

इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन तनयाहू ने कैबिनेट बैठक में मेटल डिटेक्टर हटाने का फैसला लिया. ये फैसला सोमवार को हुई घंटों तक चली बैठक में लिया गया. ये बैठक मेटल डिटेक्टर लगाने के एक सप्ताह बाद हुई.

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इस बैठक का मकसद मेटल डिटेक्टर लगाने के बाद की स्थिति की समीक्षा करना था. हालांकि मेटल डिटेक्टर की जगह निगरानी करने वाले आधुनिक कैमरे लगा दिए है.

मस्जिदुल अक़सा के निदेशक शेख़ नाजेह बकिरात ने कहा है कि इस्राईल के इस क़दम से मुसलमानों की मांग पूरी नहीं हुई है, इसलिए कि निगरानी कैमरे अभी भी लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीनी वर्तमान स्थिति को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे, जब तक कि 14 जुलाई के बाद मस्जिद में लगाई जाने वाली हर चीज़ नहीं हटा ली जाती है.

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