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हरदोई। उमरा के लिए सऊदी अरब गए हरदोई के एक युवक को वहां की पुलिस ने वैध वीजा और पासपोर्ट होने के बावजूद तीन महीने से अधिक से कैद कर रखा है। युवक ने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास से भी गुहार लगाई थी लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।

इसके बाद पीड़ित ने वहां से व्हाट्स ऐप के जरिए एक वीडियो भेजकर पीएम मोदी और विदेश मंत्री से अपनी रिहाई की गुहार लगाई है। इधर, हरदोई में युवक की पत्नी, बच्चों सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी ने भी वीडियो के जरिए पीएम और विदेश मंत्री से मदद की गुहार लगाई है।

न्यूज़ ट्रैक की रिपोर्ट के अनुसार हरदोई के नानकगंज गांव में रेलवे गैंगमैन लियाकत अली रहते हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा आशिक अली बीते साल दिसंबर में जियारत के लिए सऊदी अरब गया था। इसके लिए उन्हें 8 दिसंबर को सऊदी दूतावास ने तीन महीने का वीजा जारी किया था। आशिक ने वापसी का टिकट भी 21 जनवरी का ले रखा था। जियारत पूरी करने के बाद 28 दिसंबर को वो अपने दोस्त के पास जेद्दा चला गया।

जेद्दा में ही 17 जनवरी को उसे कुछ साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। जेद्दा जेल में बंद आशिक अली ने सऊदी पुलिस के सामने अपना वैध वीजा और वापसी का टिकट भी दिखाया। आशिक अली ने सऊदी में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को भी अपना दर्द बताया लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।

आशिक अली ने वाट्स ऐप के जरिए दो मिनट 27 सेकेंड का एक वीडियो अपने घर वालों को भेजा।आशिक ने बताया है कि वो लखनऊ के साथी युसूफ के कमरे में आराम कर रहा था। कमरे में कुछ और लोग भी थे। उसी समय जेद्दा पुलिस के लोग कमरे में घुसे और सभी को हिरासत में ले लिया।

कुछ दिन बाद उसे वहां की पुलिस ने बताया की उस पर सरकार की तरफ से ‘गरामा’ यानि जुर्माना लगाया है।आशिक ने बताया, उसका पासपोर्ट और वीजा तो वापस कर दिया गया लेकिन वापसी का टिकट नहीं दिया गया। अब उससे यही कहा जाता है कि जब भारतीय दूतावास चाहेगा तब उसकी रिहाई हो पाएगी।

ऐसे में रिहाई की उम्मीद लगाए आशिक अली ने एक वीडियो अपने घर वालों को भेजा है। इसमें उसने पूरी बात बताकर पीएम और विदेश मंत्री से मदद की अपील की है।


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