खाड़ी देशों में कथित अस्थिरता और अशांति के मुद्दे पर मालद्वीप ने भी ईरान से अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं।मालदीव ने भी ईरान पर अस्थिरता का आरोप लगाते हुवे दावा किया हैं कि मध्यपूर्व में ईरान की नीतियां, शांति के लिए ख़तरा हैं। मालदीव ने क्षेत्र में सऊदी अरब के क्रियाकलपों की प्रशंसा करते हुए ईरान पर दोष मढ़े हैं।

ऐसा कहा जा रहा है कि मालद्वीप ने सऊदी अरब से मिलने वाली भारी आर्थिक मदद के बदले ईरान से कूटनैतिक संबंध तोड़ने की घोषणा की है। मालद्वीप के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किये गये एक बयान में कहा गया कि वो अपने देश के हितों की रक्षा और खाड़ी में अस्थिरता के लिए सभी संबंधित देशों के साथ संधियां और समझौते कर रहे हैं। मालद्वीप ने ईरान के साथ 1975 में राजनयिक संबंध स्थापित किये थे।

हाल ही में ईरान ने मालद्वीप के लिए अपने राजदूत मोहम्मद ज़ायेरी अमीरानी की नियुक्ति की थीष अमीरानी का कार्यलय कोलम्बो में बनाया गया था। कुछ जानकारों का कहना है कि वास्तव में सऊदी अरब से मिली 50 मिलियन डॉलर की मदद के बदले ही मालद्वीप ने यह कदम उठाया है। मालदीव को इसके अतिरिक्त रियाज़ से 100 मिलियन डॉलर और मिलने की पूरी उम्मीद है।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE