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मलेशिया के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने म्यांमार में सुरक्षा बलों द्वारा रोहिंग्या मुस्लिमों पर किये जा रहे अत्याचार को आसियान के सदस्य देशों से रुकवाये जाने की मांग की हैं.

मलेशिया के वकीलों ने कुआलालंपूर में म्यांमार के दूतावास को बंद करने की मांग करते हुए कहा कि आसियान संगठन के सदस्य देश म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों का जनसंहार रुकवाने के लिए व्यवहारिक कदम उठाये.

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मलेशिया हमेशा से ही रोहिंग्या मुसलमानों के हक़ के लिए आवाज उठाता आया हैं. हाल ही में मलेशिया के विदेश मंत्रालय में म्यांमार के राजदूत को तलब कर राख़ीन राज्य में मुसलमानों के दमन पर आपत्ति जताई गई हैं. याद रहें कि आसियान के सदस्य देशों में म्यांमार भी शामिल है, हालिया वर्षों में मानवाधिकार के घोषणापत्र पर म्यांमार ने दस्तख़त किए.

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ऐसे में म्यांमार पर घोषणापत्र के अनुच्छेदों के पालन के कर्तव्य का दायित्व हैं इसलिए आसियान के सदस्य देश ख़ुद को जवाबदेह समझते हैं और स्वाभाविक रूप से उन्हें रोहिंग्या मुसलमानों के अधिकार की रक्षा के लिए व्यवहारिक उपाय की कोशिश करनी चाहिए.


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