म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रही हिंसा को लेकर नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफजई ने शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आंग सांग सू की कड़ी फटकार लगाई है.

उन्होंने ट्विटर पर अपना एक बयान जारी करके हिंसा की निंदा की और कहा, “म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जो हो रहा है उससे मैं दुखी हूं.” मलाल ने कहा, इस हिंसा की सू की के निंदा किए जाने का विश्व इंतज़ार कर रहा है.

मलाला ने सू की को संबोधित करते कहा कि , ‘हिंसा बंद की जाए. आज हमने म्यांमार के सुरक्षा बलों द्वारा छोटे बच्चों की हत्या किए जाने की तस्वीरें देखी. केवल इन बच्चों पर हमला ही नहीं किया गया बल्कि उनके घरों को भी जला दिया गया.’ उन्होंने सवाल उठाया कि यदि म्यांमार उनका घर नहीं है तो वे इतनी पीढ़ियों से कहां रह रहे थे? उन्होंने कहा कि रोहिंग्या लोगों को म्यांमार में नागरिकता दी जानी चाहिए, यह वह देश है जहां उनका जन्म हुआ है.

मलाला को वर्ष 2014 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़ा गया था. उन्होंने कहा, ‘दूसरे देशों, जिनमें मेरा अपना देश पाकिस्तान शामिल है, उन्हें बांग्लादेश का उदाहरण अपनाना चाहिए और हिंसा तथा आतंक से भाग रहे रोहिंग्या परिवारों को खाना, शरण और शिक्षा देनी चाहिए.’

संयुक्त राष्ट्र ओर से जारी अनुमान के मुताबिक़ पिछले हफ़्ते हुई हिंसा में म्यांमार के रख़ाइन प्रांत में 400 रोहिंग्या मारे जा चुके है और अब तक क़रीब 60 हजार शरणार्थी बांग्लादेश की सीमा पार कर चुके हैं.


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