130 इमामों ने लंदन ब्रिज पर आतंकी हमलें को अंजाम देते वक्त मारे गए आतंकियों की नमाज-ए-जनाजा पढ़ाने से साफ़ इनकार कर दिया है. साथ ही एक अपील जारी की है जिसमे कहा गया कि न तो कोई इनकी नमाज-ए-जनाजा पढाएगाऔर नहीं पड़ेगा.

बयान में कहा गया है कि यह एक कायरतापूर्ण हमला था और यह इस्लाम के सिद्धांतों के विरुद्ध है. गौरतलब रहें कि इस हमले में करीब 7 लोगो की मौत हो गई थी और करीब 47 लोग घायल हुए थे. इस हमलें की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएसआईएस ने ली है.

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पूर्वी लंदन स्थित मस्जिद में इमामों के एक पैनल मुहम्मद हबीबुर्रहमान ने कहा है कि एक बार फिर हमें साथ आने की ज़रूरत है. उनके ख़िलाफ़ खड़े होने की ज़रूरत है जो हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं. शनिवार शाम किए गए आतंकी हमले के बाद भी वे हमें अलग करने में सफ़ल नहीं होंगे.

पैनल ने कहा है, ‘जनाज़े की नमाज़ नहीं पढ़ाना आतंक फैलाने वालों के लिए एक स्पष्ट संदेश है. आतंकी इस्लाम और पैग़ंबर मुहम्मद के मुख्य सिद्धांतों के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं.’

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