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जामिया अल अज़हर यूनिवर्सिटी में शाह इमाम अहमद रज़ा फाज़िले बरेलवी के उर्स के मौके पर मशहूर तन्ज़ीम अल हैअतुल इसलामीया अल अालमीअा लीतालीम व अतरबीया की और से अज़ीमुश्शान व कामयाब उर्स ए आला हज़रत का एहतिमाम किया गया।

प्रोग्राम का आगाज़ तिलावते कुरान से हुआ जिसको कारी ए किरअत ए अशरा अल्लामा कारी बिलाल अज़हरी साहब ने तिलावते अशरा के मुताबिक फरमाई। कान्फेृन्स मे शिरकत करने वाली शख्शियात मे जामिया अल अज़हर के अकाबिर उलमा शामिल रहे। जिनमे मोहद्दिसे मिस्र,शाहज़ादे इमाम हुसैन अमीरूल मोमीनिन फिल हदीस मोहम्मद इब्राहिम अब्दुल बाइस अल हुसैनी अलकत्तानी ने आला हज़रत की दीनी खिदमात व इजतिहादी कारनामे, कुतुब,फतवो पर बहुत अदब व एहतिराम से बयान किया,और तन्ज़ीम की की एेसी पहल पर और कान्फेृन्स की कामयाबी पर मुबारकबाद दी और इस तन्ज़ीम के मेम्बरान की हौसला अफज़ाई फरमाई।

इसके अलावा तन्जीम के उन कारनामो का ज़िकृ किया जिनकी वजह से इस तन्ज़ीम की मकबूलियत इतने कम अरसे मे इतनी ज़्यादा हुई। इसी तरह शैखुल अज़हर के मुशीर ए आला पृोफेसर अब्दुस्समद मोहम्मद मोहन्ना साहब ने आला हज़रत की शान अदब व एहतिराम से बयान की और आला हज़रत के ताअारूफ पर जामिया अल अज़हर के प्रोफेसर डाक्टर खालिद साबित साहब की लिखी हुई किताब इनसाफुल इमाम को कांफ्रेंस मे शिरकत करने वाले लोगो मे तकसीम किया।

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जामिया अल अज़हर यूनिवर्सिटी के तलबा मे खिताब करने वाले हिन्दुस्तानी उलमा मे मौलाना मुबारक हुसैन अज़हरी ने आला हज़रत की सीरत को बयान किया।सैयद हसनैन साहब ने आला हज़रत की इल्मी खिदमात बयान की व निज़ामत मे मौलाना इमरान अज़हरी रहे। और शाएर ए इस्लाम मे सीरिया से मोहम्मद अदनान साहब,मोहम्मद फवाद साहब ने नात व मनकबत पेश की। इस मौके पर दीगर 20 मुमालिक के उलमा ने शिरकत की जिसमे अरब, यूरोपियन व ब्रिटेन के ज़्यादातर शामिल रहे।

तन्ज़ीम के ज़िम्मेदारान मे मुफ्ती शाहनावाज़ अज़हरी,मौलाना व कारी बिलाल अज़हरी,मुफ्ती अशरफ जिलानी अज़हरी ,शैख वहीदुज़्ज़मा मिसबाही अज़हरी,शैख मुमताज़ मिसबाही अज़हरी ने पृोगृाम की ज़िम्मेदारी बहुत खूबसूरत अन्दाज़ मे सम्भाला और सारे इन्तिज़ाम ओ इहतिमाम मे रहे. इनकी मेहनतो से ये तनज़ीम दुसरे मुमालिक से आए हुए उन तलबा की जिनको स्कालरशीप नही मिलती उनका तालीम से लेकर खाने पीने रहने का इन्तिज़ाम करती है।

प्रोग्राम के इखतिताम पर मोहद्दिसे मिस्र ने जामिया अल अज़हर के उलमा को हदीस बयान करने की इजाज़त दी। और आला हज़रत की तालीमात को लोगो मे आम करने पर ज़ोर दिया जिससे शिद्दत पसन्द नज़रिया का खातमा और अमन इन्सानियत का पैगाम घर घर पहुचे।

वहीँ तन्जीम के सरबराह मुफ्ती शाहनावाज़ मिसबाही अज़हरी ने बड़े खुलूस के साथ सरकार की बारगाह मे सलातो सलाम पेश किया और फज़ीलतुश्शैख अल्लामा मोहम्मद आला नईमा अल अज़हरी साहब की दुआओ पर प्रोग्राम का इखतिताम हुआ।


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