कुलभूषण जाधव की फांसी को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (आईसीजे) में सुनवाई जारी है. इस दौरान भारत ने अपना पक्ष रखते हुए पाकिस्तान द्वारा वियना संधि के उल्लंघन होने की दलील राखी है.

भारत की ओर से पैरवी कर रहे अटार्नी हरीश साल्वे ने अदालत से कहा कि जाधव को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया और कोंसुलर उपलब्ध कराए जाने की 16 अपीलों को नज़रअंदाज़ कर वियना संधि का उल्लंघन किया गया. उन्होंने कहा कि  कुलभूषण जाधव को अपना पक्ष रखने के लिए क़ानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि पूर्व भारतीय नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव को इरान से किडनैप किया गया और उसके बाद जो उसका कबूलनामा सामने आया वह संदेहास्पद है क्योंकि ये सब पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हुआ है. साल्वे ने आगे कहा कि भारत चाहता है कि आईसीजे फांसी पर रोक को तबतक जारी रखे जब तक मामले की विधिवत सुनवाई नहीं होती.

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बता दें कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनाई थी जिस पर 9 मई को भारत की अपील पर आईसीजे ने कुलभूषण की फांसी पर रोक लगा दी थी. इस मामले की सुनवाई अब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में 11 जज मिलकर कर रहे हैं.


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