अल-अक्सा मस्जिद परिसर में फिलीस्तीनियों और इजरायल के बीच तनाव के बाद की गई कार्रवाई को लेकर दुनिया भर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इजरायल की आलोचना की है.

ध्यान रहे 14 जुलाई को अल-अक्सा परिसर में फिलिस्तीनी युवको की गोलीबारी में हत्या के बाद इजरायल ने पुरे परिसर को इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण में ले लिया है. जिसके चलते लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है. इसके अलावा नमाजियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है.

तुर्की के राष्ट्रपति रसेप तय्यिप एर्दोगान ने कहा, “अल-अकसा मस्जिद में प्रवेश करने वाले मुसलमानों पर कोई भी प्रतिबंध अस्वीकार्य है. साथ ही पूरी मुस्लिम दुनिया के लिए अल अक्सा की पवित्रता की हिफाजत महत्वपूर्ण है. राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कन्नन ने कहा, मुस्लिमों और फिलिस्तीनियों को मस्जिद में प्रवेश को रोकना अस्वीकार्य है.

लेबनानी राष्ट्रपति मिशेल एउन ने कहा, “हम अल-अकसा मस्जिद की पवित्रता पर इजरायली आक्रमणम और नमाजियों के लिए मस्जिद के दरवाजे को बंद करने की निंदा करते है” उन्होंने कहा कि इजरायल की हालिया कार्रवाई यरूशलेम की भोगोलिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को बदलने की योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत पवित्र स्थलों की भूमि को हडपना है.

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अमेरिका ने कहा, बुधवार को जारी एक बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि वह परिसर के आसपास के तनाव को लेकर “बहुत चिंतित” है.   इजरायल और जॉर्डन को तनाव को कम करने और लोगों की सुरक्षा और साथ ही पवित्र स्थल की सुरक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए.

यूरोपियन यूनियन ने कहा,”हम इजरायल राज्य और जॉर्डन के हाशमी साम्राज्य को मिलकर काम करने और समाधान खोजने के सभी प्रयास करने को कहा हैं. यूनियन की प्रवक्ता माजा कोसीजैन्चिक ने कहा,  पवित्र स्थल की पवित्रता का सम्मान बनाते हुए यथास्थिति बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा, हम सभी राजनीतिक और धार्मिक नेताओं से शांति बहाल करने की अपील करते है.

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जॉर्डन के विदेश मंत्री आयमैन अल-सफदी ने यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि फेडेरिकिका मोगरिनी को बताया कि जॉर्डन ने इजरायल के साथ संकट को शांत करने और समाप्त करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की है. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए सभी इजरायली कार्रवाइयों को रद्द करने को कहा जाना चाहिए.

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इजरायल से हिंसा को रोकने के लिए आग्रह किया साथ ही अल-अक्सा मस्जिद में बढ़ते तनाव की चेतावनी भी दी. बयान में कहा गया है कि इजरायल को “फिलीस्तीनियों और पवित्र स्थानों के विरुद्ध हिंसा रोकना चाहिए. और फिलीस्तीनियों की इबादत करने की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए.

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सऊदी मंत्रिपरिषद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आकर स्थिति को कहा है. जिसकी वजह से दुनिया भर में मुसलमानों की भावनाओं को गंभीर रूप से धक्का पहुंचा है. शाह सलमान ने कहा कि इजरायल की ये कार्रवाई फिलिस्तीनी क्षेत्रों में स्थिति को और अधिक जटिल करने में सहायक होगी.

दक्षिण अफ़्रीकी मुस्लिम नेताओं ने अल अक्सा मस्जिद में इजरायल की कार्रवाई की निंदा की और कहा, हमने देश भर की मस्जिदों के इमामों को अपने खुत्बों में अल अक्साके ताजा हालात बयान करने को कहा है. साथ ही अल-अक्सा और फिलिस्तीनी मुसलमानों के लिए एकजुटता रैली भी की.

क़तर के दोहा स्थित इंटरनेशनल यूनियन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर ने सभी मुसलमानों को “डे ऑफ़ एंगर” पर अल-अकसा और फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कहा.


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