इजराइल ने मस्जिदुल अक़सा के नीचे स्थित टनल में कैबिनेट की बैठक कर इस्लामिक जगत को भड़का दिया है. इस्राईली प्रधान मंत्री नेतनयाहू की कैबिनेट की इस बैठक को भड़काऊ क़दम बताते हुए कहा है कि इससे फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में तथाकथित शांति के प्रयासों को झटका लगेगा.

फ़िलिस्तीन के एक वरिष्ठ अधिकारी साएब अरीक़ात ने कहा कि अवैध अधिकृत पूर्वी बैतुल मुक़द्दस या यरुशलेम में स्थिति मस्जिदुल अक़सा के परिसर के नीचे टनल में ज़ायोनी शासन की साप्ताहिक कैबिनट की बैठक की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.

साएब अरीक़ात ने विश्व समुदाय से मांग की है कि वह इस्राईल के इस भड़काऊ क़दम का उचित जवाब दे और फ़िलिस्तीन में स्थित पवित्र स्थलों की यथावथ स्थिति बनाए रखने और उनका सम्मान करने के लिए ज़ायोनी शासन पर ज़रूरी दबाव बनाए.

यह पवित्र स्थल हालांकि मुसलमानों और यहूदियों दोनों के लिए पवित्र है, लेकिन ज़ायोनी शासन इसके प्राचीन एवं वर्तमान स्वरूप को बदलने में लगा हुआ है. याद रहे बैतुल मुक़द्दस में स्थित मस्जिदुल अक़सा, मुसलमानों का तीसरा सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है, यहूदियों का मानना है कि इस परिसर में टैम्पल माउंट भी स्थित है.


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