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ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के संसद सभापति अली लारीजानी आतंकवाद के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस्लामी जगत को कमज़ोर करने के लिए ये दोनों देश आतंकवाद फैला रहे हैं.

तेहरान में ट्यूनीशिया के संसदीय प्रतिनिधि मंडल से मुलाक़ात उन्होंने कहा, मुसलमानों के विभिन्न समुदायों के मध्य फूट डालना, अमरीका और इस्राईल की पुरानी नीति है जिसका उद्देश्य इस्लामी जगत को कमज़ोर करना है. उन्होंने मुसलामनों को सचेत करते हुए कहा, मुसलमान आपसकी एकता और होशियारी का प्रदर्शन करके इस षड्यंत्र को विफल बना सकते हैं.

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लारीजानी ने आगे कहा कि मुस्लिम देशों के मध्य एकता पैदा करना, ईरान की विदेश नीति का मूल स्तंभ है. उन्होंने इस बात पर खेद प्रकट किया कि कुछ मुस्लिम नेताओं के रूढ़ीवादी दृष्टिकोण के कारण मुसलमानों के मध्य एकता स्थापित नहीं हो पा रही है.

वहीँ ट्यूनीशिया के संसदीय प्रतिनिधि मंडल की प्रमुख मुबारका इब्राहीमी ने ईरान के साथ ट्यूनीशिया के सबंधों को दोनों देशों की जनता के हित में बताते हुए कहा पश्चिमी मीडिया निरंतर ईरानोफ़ोबिया फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और इस्लामी जगत पर अपनी नीतियां थोपना चाहते हैं.

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