बांग्लादेश में हाईकोर्ट ने इस्लाम के राष्ट्रीय धर्म के दर्जे को ख़त्म करने के लिए दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया है. ये याचिका 28 साल पहले धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं ने दायर की थी. इस याचिका के ख़िलाफ़ हाल के दिनों में कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने समूचे बांग्लादेश में प्रदर्शन किए थे. तीन जजों की विशेष बेंच ने सुनवाई शुरू होने के चंद मिनटों के अंदर ही याचिका ख़ारिज कर दी.

धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं की प्रतिनिधि सुब्रता चौधरी ने कहा कि ये बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए काला दिन है. 2010 में बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने धर्मनिरपेक्षता को संविधान का अहम अंग माना था लेकिन इस्लाम राष्ट्रीय धर्म बना रहा था. बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 2ए के तहत इस्लाम को राष्ट्रीय धर्म का दर्जा प्राप्त है. (BBC)


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