ISIS burnt alive by his own fighters

सेक्स स्लेव(यौनदासी) ना बनने की सज़ा खूंखार आतंकवादी संगठन ने 250 औरतों को मौत के घात उतारा, कुर्द अधिकारियों का कहना है कि तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश ने अभी हाल में अपने गढ़ मूसिल में 250 औरतों को इसलिए मार दिया क्योंकि उन्होंने आतंकवादियों के साथ सेक्स करने पर मना कर दिया था. इन सभी औरतों को उत्तरी इराक़ के मूसिल शहर में आतंकियों के साथ विवाह के लिए मजबूर किया जा रहा था।

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ब्रितानी अख़बार द डेली मेल के अनुसार, कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रवक्ता सईद ममूज़िनी ने इस घटना की सूचना देते हुए बताया कि जब उन औरतों ने विवाह के प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया तो उन्हें दाइश ने जान से मार दिया। कुछ औरतों को तो उनके घर वालों के साथ मार डाला गया।

कुर्दिस्तान पेट्रियॉटिक यूनियन के एक और अधिकारी ग़यास सुरची ने कहा कि मूसिल में औरतों को अकेले घर से निकलने पर रोक लगा दी गयी है और न ही उन्हें अपना जीवन साथी चुनने की इजाज़त दी जा रही है।

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तकफ़ीरी आतंकी जिन औरतों को बंधक बनाते हैं उन्हें योन शोषण के लिए मजबूर करते हैं।

अगस्त 2014 में जब दाइश के आतंकियों ने उत्तरी इराक़ के सिन्जार इलाक़े पर हमला किया था, ईज़दी संप्रदाय की 500 औरतों व लड़कियों को बंधक बना लिया था। इस हमले में दाइश ने 5000 के क़रीब ईज़दी संप्रदाय के लोगों का जनसंहार किया था। दर्जनों औरतों ने दाइश के हाथों शोषण का शिकार होने पर आत्महत्या कर ली थी।

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