खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस ने मसूल में 800 साल पुरानी एतिहासिक अल नुरा मस्जिद को शहीद कर दिया. याद रहे इस माजिद से ही आईएस के नेता अबू बक्र अल-बग़दादी ने 2014 में ख़िलाफ़त का ऐलान किया था.

वहीँ दूसरी और आईएस ने कहा कि इस मस्जिद को अमेरिका ने शहीद किया है, आईएस का कहना है कि ये मस्जिद एक अमरीकी लड़ाकू विमान के हमले में नष्ट हुई. हालांकि अमेरिका ने इसे साफ़ मना किया है. इस मस्जिद को 1172 में मूसल और अलेपो के तुर्क शासक नूर अल-दीन महमूद ज़ांगी ने बनवाया था.

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इस बारें में इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने कहा है कि मस्जिद को गिराने से साफ़ है कि इस्लामिक स्टेट हार मान चुका है. इराक़ी सेना के अनुसार, मस्जिद और उसकी हदबा (कुबड़ी) मीनार ध्वस्त हो गई है.

अल-नूरी मस्जिद के कुछ हिस्से और उसकी झुकी मीनार वहाँ सैकड़ों वर्षों से खड़ी थी. गौरतलब रहे कि आईएस पहले ही सीरिया और इराक में कई एतिहासिक चीजों को नष्ट कर चूका है.

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