अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि उसके 10 नाविकों को उस समय गिरफ़्तार कर लिया गया, जब उनका जहाज़ बहकर खाड़ी में पहुँच गया. अधिकारियों के मुताबिक, ”हमने नौसेना के अपने दो छोटे जहाज़ों से संपर्क खो दिया है, जो कुवैत से बहरीन जा रहे थे.”

उन्होंने बताया कि ईरान ने अमरीका को सूचना दी है कि उनके नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द ही अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति मिल जाएगी. नाविकों के बुधवार सुबह छूटने की संभावना है. यह घटना खाड़ी के मध्य फारसी द्वीप के पास तब हुई, जब एक जहाज़ में तकनीकी खराबी आ गई.

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ईरान की समाचार एजेंसी एफ़एआरएस के मुताबिक़ ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने नौ पुरुषों और एक महिला को गिरफ़्तार किया. वो ईरानी इलाक़े में घुसे थे और ताकझांक कर रहे थे.

समाचार एजेंसी तस्नीम का कहना है कि अमरीकी जहाज मशीनगनों से लैस था. घटना के तुरंत बाद अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने तुरंत ईरान के विदेश मंत्री जावाद ज़रीफ़ ने बात की.

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एक अधिकारी ने नाम न बताते हुए एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि केरी ने व्यक्तिगत तौर पर ज़रीफ़ से बात करके समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की.

लगातार तीन साल तक परमाणु डील पर बातचीत के दौरान केरी और ज़रीफ़ के अच्छे ताल्लुक़ात बन गए हैं. नाविकों को रिहा करने के लिए अमरीका से लगातार फोन आ रहे थे.

2007 में इसी तरह ईरान और इराक़ के विवादित इलाक़े में घुसने के कारण 15 ब्रितानी नाविकों और नौसेनिकों को 13 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था. ईरान और अमरीका के बीच परमाणु डील होने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. साभार: बीबीसी हिंदी

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