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पाकिस्तान और चीन की अरबों डॉलर की महत्वाकांक्षी योजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) में शामिल होने की इच्छा जता चूका हैं. यह गलियारा पश्चिमी चीन को बलूचिस्तान में ग्वादार समुद्री बंदरगाह से जोड़ता है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है.

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत मेहदी होनरदोस्त ने इस बारे में सीपीईसी परियोजना के निदेशक जहीर शाह से बातचीत कर  उन क्षेत्रों पर विचार किया गया जिनमें ईरान भागीदारी कर सकता है और सक्रिय भूमिका निभा सकता है.

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राजदूत ने कहा कि ईरान के विभिन्न निजी क्षेत्रों में अलग-अलग क्षेत्रों की व्यापक क्षमता है. इनमें तकनीकी, इंजीनियरिंग, उर्जा परियोजनाएं, सड़क और निर्माण, बिजली पारेषण लाइन शामिल हैं.

शरीफ के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति रोहानी ने सीपीईसी को हकीकत में बदलने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की और इस परियोजना से जुड़ने की इच्छा जताई’.

गौरतलब रहें कि भारत ने 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) से गुजरने को लेकर चिंता व्यक्त कर चूका हैं.

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