तेहरान ईरानी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सऊदी अरब दूतावास पर हमले का बहाना बना पेट्रोलियम को लेकर तनाव पैदा करना चाह रहा है। सऊदी अरब ने रविवार को तेहरान में अपने दुतावास पर हुए हमले के बाद ईरान से सभी तरह के डिप्लोमैटिक संबंध खत्म करने की घोषणा की थी। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम विदेशी डिप्लोमैटिक मिशन को सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सऊदी अरब द्वारा शिया धर्मगुरु निम्र अल-निम्र को फांसी दिए जाने के बाद ईरान में लोग सड़क पर उतर गए थे। गुस्से में ईरानी प्रदर्शनकारियों ने तेहरान स्थित सऊदी दूतावास में रविवार को हमला बोल दिया था। यहां प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके थे और आग भी लगा दी थी। इसके बाद सऊदी ने ईरान से डिप्लोमैटिक रिश्ते खत्म करने की घोषणा करते हुए अपने सारे राजनयिकों को वापस बुला लिया था।

सड़क पर उतरे ईरानी प्रदर्शनकारीप्रदर्शनकारियों ने दूतावास में आग लगा दी थी। दूतावास के कई सामान जल गए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया था। इस मामले में पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान दूतावास में कोई सऊदी डिप्लोमैट नहीं था। ईरान ने शिया धर्मगुरु निम्र की फांसी की कड़ी निंदा की है। इस निंदा को सऊदी ने खारिज करते हुए कहा था कि ईरान आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन जाबेरी अंसारी ने कहा, ‘ईरान ने राजनयिक दायित्वों के मुताबिक उठी एक लोकप्रिय इमोशनल लहर को नियंत्रण में किया है। सऊदी अरब को तनाव बढ़ाने से फायदा मिलता है। वह इस बहाने का इस्तेमाल तेल के लिए तनाव पैदा करने में करेगा। ईरानी डिप्लोमैट्स ने अभी सऊदी नहीं छोड़ा है। उन्हें रविवार रात 48 घंटे का वक्त सऊदी छोड़ने के लिए दिया गया था।’ साभार: नवभारत टाइम्स


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