इजरायली समाचार एजेंसी हाआर्टज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि ‘जितना ईरान और अरब सुन्नियों के बीच तनाव बढ़ता जाएगा उतनी ही इजरायल को सुरक्षा मिलेगी।’

Netanyahu

रिपोर्ट में बताया गया कि इस समय सुनी आबादी वाले ज्यादातर देशों की प्रवृत्ति ईरान से मुकाबला करने के लिए है, इजरायल के खिलाफ लड़ने का नहीं। तब इजरायल-अरब या इजरायल-मुसलमान से ज्यादा शिया-सुन्नी मतभेद महत्व रखते हैं। इस समय फिलिस्तीन के कुछ आतंकवादी संगठन सऊदी अरब के साथ हैं, ईरान के साथ नहीं। यहाँ तक कि वह ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई में भी भरपूर सहयोग करते हैं।


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