मजार ए शरीफ: पाकिस्तानी सीमा के निकट एक भारतीय वायुसेना अड्डे पर घातक हमले के एक दिन बाद आतंकवादियों ने आज उत्तरी अफगानिस्तान के इस शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास में घुसने का प्रयास किया और इस दौरान धमाके तथा गोलीबारी हुई।

इन हमलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफगानिस्तान के अपने पहले आधिकारिक दौरे के बाद चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की तरफ उठाए गए बहुचर्चित कूटनीतिक कदम से शुरू प्रक्रिया के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल इस हमले की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

और पढ़े -   क़तर संकट के बीच तुर्की ने अपने सैनिक दोहा भेजे, सैन्य अभ्यास भी किया शुरू

वाणिज्य दूतावास के एक भारतीय अधिकारी ने भारतीय सुरक्षा बंदोबस्त वाले परिसर के अंदर से टेलीफोन पर कहा, हम पर हमला किया गया है। लड़ाई चल रही है। अधिकारी ने कहा कि दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। हमलावरों ने वाणिज्य दूतावास के पास एक इमारत में छिपकर गोलीबारी की। अफगान बलों ने इस मार्ग की घेराबंदी की। आमतौर पर शांत रहने वाले बल्ख प्रांत के मजार ए शरीफ में एक स्थानीय पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों क्षेत्र को पूरी तरह से घेर लिया है।

और पढ़े -   नाकेबंदी के बावजूद क़तर ने दिखाया बड़ा दिल - नहीं बंद करेगा अमीरात को गैस की सप्लाई

उन्होंने कहा, हम किसी भी नागरिक को हताहत होने से बचाने के लिए सावधानीपूर्वक छानबीन अभियान चला रहे हैं। दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि अब तक कोई भारतीय हताहत नहीं हुआ है। आज का हमला अफगानिस्तान में भारतीय परिसंपत्तियों पर किया गया एक और हमला है।

यह घटना ऐसे समय हुई जब एक सप्ताह पहले मोदी ने पाकिस्तान का औचक दौरा किया था। इससे पहले मोदी 25 दिसंबर को संक्षिप्त दौरे पर काबुल आए थे और इस दौरान उन्होंने भारत द्वारा बनाई गई अफगान संसद की नई इमारत का उद्घाटन किया था और रूस निर्मित तीन हमलावर हेलीकाप्टर अफगान सरकार को दिये थे। साभार: जी न्यूज़

और पढ़े -   नमाजियों पर गाड़ी चढ़ाने वाले ड्राइवर को आगे रहकर मस्जिद के इमाम ने बचाया

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE