नई दिल्ली,नए साल से ब्रिटेन की ओर से आजादी के बाद से ही भारत को मिलती आ रही आर्थिक मदद बंद हो जाएगी। यह फैसला तीन वर्ष पहले ही तब लिया गया था जब ब्रिटेन में अंतरिक्ष, रक्षा और आईटी क्षेत्र की ताकत बने भारत को मदद पर सवाल उठने शुरू हुए थे।

इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच तत्कालीन वित्त मंत्री और वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने साल 2012 में सरकार की ओर से ब्रिटेन के समक्ष आर्थिक सहायता को बंद करने की पेशकश की थी। इसके बाद उसी साल 9 नवंबर को ब्रिटेन ने अगले तीन साल में चरणबद्ध तरीके से सहायता को बंद करने का फैसला किया था।

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विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसा दोतरफा बनी सहमति के बाद किया गया। सहायता बंद होने से विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

हालांकि ब्रिटेन की आर्थिक सहायता से उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में वर्ष 2011 में गठित निजी क्षेत्र विकास पहल के तहत जारी योजनाओं को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा ब्रिटेन तकनीकी और निजी क्षेत्र में निवेश के मामले में भारत के साथ सहयोगी जारी रखेगा।

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साभार http://www.amarujala.com/


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