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बीजिंग | चीन का पाकिस्तान को जारी लगातार समर्थन से भारत में चीन के प्रति असंतोष बढ़ रहा है. इसी का नतीजा है की इस दिवाली चीनी सामान की बिक्री में 45 फीसदी से भी ज्यादा की कमी आई है. सोशल मीडिया पर चीनी सामान के प्रति एक अभियान चलाया जा रहा है जिसमे लोगो से इस दीवाली चीनी सामान न खरीदने की अपील की गयी है. इस अपील को कुछ राजनितिक दलों ने भी अपना समर्थन दिया है.

चीनी सामान के बहिष्कार की अपील से चीन बोखला गया है. चीन ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है की इससे दोनों देश के द्विपक्षीय सम्बन्ध ख़राब होंगे और भारत में चीनी निवेश कम हो जायेगा. चीनी सामान के बहिष्कार की अपील के असर को देखते हुए चीन ने बयान जारी कर कहा की , भारत में चीनी उत्पाद के बहिष्कार से चीन को कोई नुक्सान ही होने वाला, बल्कि इससे भारत को ज्यादा नुक्सान है.

चीनी न्यूज़ सरकरी एजेंसी के अनुसार चीनी दूतावास की और से जारी बयान में कहा गया की चीनी दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है. चीन भारत में केवल दो फीसदी सामान निर्यात करता है. तो साफ़ है की भारत में चीनी सामान के बहिष्कार के बावजूद , चीन पर इसका कोई प्रभाव नही पढ़ेगा. लेकिन इससे भारत को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

चीन ने भारत को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाते हुए कहा की अगर ऐसा होता है तो इसका भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधो पर गहरा प्रभाव पड़ेगा. यही नही भारत में चीनी इकाइयों द्वारा किया जाने वाला निवेश भी प्रभावित हो सकता है. यह भारत की अर्थवयवस्था के लिए सही नही होगा. चीन ने भारत को अपना सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार बताते हुए कहा की पिछले 15 सालो में दोनों देशो के बीच 24 गुना व्यापार बढ़ा है. भारत के साथ हमारे रिश्ते अच्छे है.


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